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सतगुरु ने कहा साथ हु में तेरे



सब दरवाजे बन्द हो जाएँ तो भी एक दरवाजा कभी बन्द नही होता, और वह है परमात्मा का दरवाजा । सब उम्मीद परमात्मा से रखिए दुनिया से नही ।
मैंने कहा गुनहगार हूँ मैं।
सतगुरु ने कहा बख्श दूँगा ।।
मैंने कहा परेशान हूँ मैं।
सतगुरु ने कहा संभाल लूँगा।।
मैने कहा अकेला हूँ मैं ।
सतगुरु ने कहा साथ हूँ मैं ।।
जय खेतेश्वर दाता की



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